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  • ओशो ऑडियो प्रवचन

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    ओशो वीडियो प्रवचन

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    ओशो फोटोग्राफ

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    दो महायुद्ध हमारे भीतर की बहुत गहरी विक्षिप्तता और पागलपन को दर्शाते है - ओशो

    7:54:00 am 0

    दो महायुद्ध हमारे भीतर की बहुत गहरी विक्षिप्तता और पागलपन को दर्शाते है           मनुष्य जाति के अत्यंत प्राथमिक क्षणों की बात है। अद...

    जब तक प्रतियोगिता है, महत्वाकांक्षा है, तब तक मनुष्य जाति युद्ध से मुक्त नहीं हो सकती - ओशो

    7:49:00 am 0

    जब तक प्रतियोगिता है, महत्वाकांक्षा है, तब तक मनुष्य जाति, युद्ध से मुक्त नहीं हो सकती           पहले महायुद्ध में हेनरी फोर्ड कुछ...

    सत्य को बताया नहीं जा सकता, लेकिन सत्य की विधि का विचार किया जा सकता है - ओशो

    5:58:00 am 0

      सत्य को बताया नहीं जा सकता, लेकिन सत्य की विधी का विचार किया जा सकता है - ओशो  रामकृष्ण के पास एक दफा एक व्यक्ति आया। रामकृष्ण से उसने कहा...

    आदमी अपनी-अपनी शक्ल में भगवान को बनाये हुए बैठा है - ओशो

    1:22:00 am 0

    आदमी अपनी-अपनी शक्ल में भगवान को बनाये हुए बैठा है - ओशो   कल रात मैं बात करता था-एक संन्यासी के पास मेरा एक मित्र मिलने गया था। उस संन्यासी...

    जो परमात्मा को मान लेते हैं, वे उसे कभी नहीं जान सकेंगे -ओशो

    1:18:00 am 0

    जो परमात्मा को मान लेते हैं, वे उसे कभी नहीं जा न सकेंगे -ओशो  मैं आपसे यह कहता हूं कि जो परमात्मा को मान लेते हैं, वे कभी नहीं जा न सकेंगे।...

    हर आदमी उन्हीं सींखचों को पकड़े बैठा है, जो उसके बंधन हैं - ओशो

    7:47:00 am 0

    आकांक्षा विराट के मिलन की, और पकड़े हुए हैं क्षुद्र सींखचों को जोर से           मैंने सुना है, एक पहाड़ी सराय पर एक युवक एक रात मेहमा...

    दुखी आदमी के जीवन में एक ही सुख है कि वह किसी को दुख दे पाए - ओशो

    7:44:00 am 0

      दुखी आदमी के जीवन में एक ही सुख है कि वह किसी को दुख दे पाए            क्या आपको यह पता है, जब पहला महायुद्ध हुआ, तो मनोवैज्ञानिक ब...

    आदमी दूसरे आदमी को सुखी देखने के लिए उत्सुक नहीं है - ओशो

    7:42:00 am 0

    आदमी दूसरे आदमी को सुखी देखने के लिए उत्सुक नहीं है  एक मुसलमान फकीर था, बायजीद। वह बहुत परेशान था इस बात से कि ईश्वर ने नर्क बनाया ह...

    जो आंखे इस विराट में उसे नहीं देख पातीं वो ईंटों की दीवालों में उसे कहाँ देख पाएंगी- ओशो

    7:41:00 am 0

    यह मंदिर और मस्जिद कोई परमात्मा के मंदिर नहीं हैं           यह मंदिर और मस्जिद कोई परमात्मा के मंदिर नहीं हैं, परमात्मा का मंदिर तो त...

    धर्म के आस पास कम जोर और साहस हीन लोग इकट्ठे हो जाते हैं - ओशो

    8:41:00 am 0

    धर्म के आस पास कम जोर और साहस हीन लोग इकट्ठे हो जाते हैं - ओशो          कमजोरों के लिए जगत में कुछ भी उपलब्ध नहीं होता। और जो शक्तिहीन हैं औ...