चित्रकार की दृष्टि - ओशो
चित्रकार की दृष्टि - ओशो पश्चिम के बहुत बड़े चित्रकार विन्सेंट वान गॉग ने ऐसे चित्र बनाए हैं कि लोग बड़े चकित होते थे। एक चित्र में...
चित्रकार की दृष्टि - ओशो पश्चिम के बहुत बड़े चित्रकार विन्सेंट वान गॉग ने ऐसे चित्र बनाए हैं कि लोग बड़े चकित होते थे। एक चित्र में...
स्वतंत्रता और परतंत्रता की भ्रांति - ओशो यूनान में एक विचारक हुआ—एपिक्टेटस। उसको यूनान के सम्राट ने बुलाया और कहा कि मैंने सुना है कि तुम कह...
तुम्हारी आंख का प्रेम देख लिया, उसमें अमृत बरस गया - ओशो हर चैतन्य परमात्मा की तरफ जा हा है। क्योंकि चैतन्य उस परम चेतना की किरणे...
हर नदी सागर की तरफ जा रही है, चाहे दिशा कोई भी हो- ओशो तुम जब किसी स्त्री के प्रेम में पड़े हो या किसी पुरुष के प्रेम में पड़े हो...
तुमसों मन लागो है मोरा -ओशो जो दूसरे कर रहे हैं वैसा ही तुम भी कर रहे हो, तो तुम शायद परमात्मा तक कभी नहीं पहुंच पाओगे। क्योंकि तुम्हारा म...
लोग जीवन को सोचकर नहीं जी रहे हैं, सिर्फ अनुकरण कर रहे हैं अंधा- ओशो और तुम सोचते हो तुम बड़े बुद्धिमान आदमी हो ? तुम बुद्ध हो। ...
आदमी का मन तो बहुत कोमल है, निशान बड़ी जल्दी पड़ जाते हैं- ओशो आदमी का मन तो बहुत कोमल है, मोम की तरह है । निशान बड़ी जल्दी पड़ ...
पाप भी बंधन है, पुण्य भी बंधन है। शुभ भी बंधन है, अशुभ भी बंधन है- ओशो पाप भी बंधन है, पुण्य भी बंधन है। शुभ भी बंधन है, अशुभ भ...
जो पूर्णता से प्यासा होगा उसकी प्रार्थना सुन ली जाती है - ओशो इस जगत् के शाश्वत नियमों में से एक नियम है कि जो पूर्णता से प्यासा होगा उसकी...
गुरु हाथ रखता ही तब है जब तुम पीछा छोड़ते ही नहीं - ओशो मटकी भरी देखकर जगजीवन को होश आया कि कि अपूर्व लोगों को मैं छोड़कर चला आया हूं।...
घबड़ा मत। जरा भी चिंता न कर। जो उसे देता है उसे बहुत मिलता है - ओशो सत्संग चलने लगा । और एक दिन अनूठी घटना घटी। चराने गए थे गाय-बैल क...
पुराना चर्च - ओशो एक बहुत पुराने नगर में उतना ही पुराना एक चर्च था। वह चर्च इतना पुराना था कि उस चर्च में भीतर जाने में भी प्रार्थना करने ...