गुरुवार, 18 मार्च 2021

आत्म-निष्ठा - ओशो

 

Self-respecting-osho

प्रिय कृष्ण करुणा, 

    प्रेम। 

        आत्म-निष्ठा से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। स्वयं पर विश्वास की सुवास ही अलौकिक है। शांति, आनंद, सत्य-सभी उस सुवास का पीछा करते हैं। जिसे स्वयं पर विश्वास है वह स्वर्ग में है। और जिसे स्वयं पर ही अविश्वास है, उसके हाथ में नर्क की कुंजी है। आंग्ल विचारक डेविड ह्यूम नास्तिक थे। लेकिन, वे जान ब्राउन जैसे आस्तिक का प्रवचन सुनने जरूर हर रविवार को चर्च पहुं च जाते थे। लोगों ने उनसे कहा कि आपका चर्च में जाना आपके ही सिद्धांतों के विरुद्ध पड़ता है। झूम हंसने लगे और बोले : “जान ब्राउन अपने प्रवचनों में जो कहते हैं, उसमें मुझे वि श्वास नहीं है; लेकिन जान ब्राउन को पूरा विश्वास है। सो हफ्ते में एक बार मैं ऐसे आदमी की वातें जरूर ही सुनना चाहता हूं जिसे स्वयं पर विश्वास है" 


रजनीश के प्रणाम
१५-१०-१९७० प्रति : मां कृष्णा करुणा, बंबई