बुधवार, 10 मार्च 2021

परमात्मा ही हमारी संपदा है - ओशो

God-is-our-property-Osho


प्रिय योग भगवती, 

    प्रेम। 

        परमात्मा ही हमारी संपदा है। और किसी संपदा का भरोसा न करना। शेष सब संपत्तियां अंतत: विपत्तियां ही सिद्ध होती हैं। संत टेरेसा एक बहुत बड़ा अनाथालय खोलना चाहती थी, मगर उसके पास उस समय सिर्फ तीन शिलिंग ही थे। वह अत्यल्प पूंजी से उस विराट कार्य को शुरू करना चाह ती थी। मित्रों ने, भक्तों ने उसे सलाह दी-पहले पर्याप्त पूंजी जमा कर लीजिए, मला तीन शि लिंग से क्या काम हो सकता है ? लेकिन, टेरेसा ने हंसकर सिर्फ इतना ही उत्तर दिया : “वेशक तीन शिलिंग से टेरेसा कुछ नहीं कर सकती, लेकिन ईश्वर और तीन शिलिंग के पास रहते कोई काम असंभ व नहीं है?" 


रजनीश के प्रणाम
६-११-१९७० प्रति : मां योग भगवती, बंबई