सोमवार, 22 सितंबर 2014

विज्ञान भैरव तंत्र - विधि 44

विज्ञान भैरव तंत्र - विधि 44

["अ और म के बिना ओम् ध्वनि पर मन को एकाग्र करो ."]   


ओम् ध्वनि पर एकाग्र करो ; लेकिन इस ओम् में अ और म न रहें . तब सिर्फ उ बचता है . यह कठिन विधि है ; लेकिन कुछ लोगों के लिए  वह योग्य पड़ सकती है , खासकर जो ध्वनि के साथ काम करते हैं  . संगीतज्ञ , कवि , जिनके कान बहुत संवेदनशील हैं , उनके लिए यह विधि सहयोगी हो सकती है . लेकिन दूसरों के लिए , जिनके कान संवेदनशील नहीं हैं , यह विधि कठिन पड़ेगी . क्योंकि यह बहुत सूक्ष्म है . तो तुम्हें ओम् का उच्चारण करना है और इस उच्चारण में तीनों ध्वनियों को-- अ , उ और म को महसूस करना है . ओम् का उच्चारण करो और उसमें तीन ध्वनियों को -- अ , उ , म को अनुभव करो . वे तीनों ओम् में समाहित हैं . बहुत संवेदनशील कान ही इन तीन ध्वनियों को अलग-अलग सुन सकते हैं . वे अलग-अलग हैं , यद्यपि बहत करीब-करीब भी हैं . अगर तुम उन्हें अलग-अलग नहीं सुन सकते तो यह विधि तुम्हारे लिए नहीं है . तुम्हारे कानों को उनके लिए प्रशिक्षित करना होगा .


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